साँचा:आज का आलेख १४ मई २०१०

त्रिआयामी दूरदर्शन (थ्री-डी टीवी) एक प्रकार का दूरदर्शन होता है, जिसमें प्रदर्शन की त्रिआयामी तकनीकों का प्रयोग किया जाता है, जैसे: स्टीरियोस्कोपिक कैप्चर, बहु-दृश्य कैप्चर या द्विआयामी गहरायी एवं एक त्रिआयामी पटल। त्रिआयामी पटल एक विशेष दर्शन युक्ति होती है, जो किसी कार्यक्रम का प्रोजेक्शन एक यथार्थ स्वरूपी त्रि-आयामी क्षेत्र की तरह करता है। किसी वस्तु को देखते हुए मूलत: बाईं और दाईं आंख के दो अलग-अलग लैंस होते हैं जो उसे भिन्न कोणों की पहचान करते हैं। दोनों लैंस यही संदेश अपने अपने तरीके से मस्तिष्क तक पहुंचाते हैं। मस्तिष्क उस छवि के लिये इमेज प्रोसेसर की तरह काम करता है, यानी दोनों लैंसों से पहुंचने वाली अलग अलग छवियों को मिलाकर एक कर के त्रिआयामी छवि का निर्माण करता है। सिद्धांत रूप में यह वही तरीका है जिसके आधार पर फ्यूजीफिल्म कंपनी का फाइनपिक्स त्रिआयामी कैमरा काम करता है। विस्तार में...